Home बिहार सात निश्चय-3: संकरी ग्रामीण सड़कों से जल्द मिलेगी राहत, चौड़ीकरण अभियान तेज

सात निश्चय-3: संकरी ग्रामीण सड़कों से जल्द मिलेगी राहत, चौड़ीकरण अभियान तेज

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Seven Resolves-3: Relief from narrow rural roads soon, widening drive accelerated

-सुदूर क्षेत्रों तक सुरक्षित और टिकाऊ सड़क नेटवर्क बनाने पर जोर

पटना। बिहार में ग्रामीण यातायात व्यवस्था को सुगम और बाधारहित बनाने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने सात निश्चय-3 के तहत एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा सुलभ संपर्कता के विस्तार के लिए राज्य के महत्वपूर्ण ग्रामीण पथों का अब चरणबद्ध रूप से चौड़ीकरण का काम शुरू हो चुका है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य की संकरी ग्रामीण सड़कों को चौड़ीकरण कर यातायात के बढ़ते दबाव को कम करना है। सुदूरवर्ती क्षेत्रों को दीर्घकालिक एवं सुरक्षित सड़क सम्पर्कता से जोड़कर बिहार की कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक सुदृढ़ और स्थायी आधार प्रदान करना विभाग की प्राथमिकता है। इस वृहद परियोजना के सुव्यवस्थित और त्वरित क्रियान्वयन के लिए विभाग ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभागीय स्तर पर व्यापक सर्वेक्षण, पथों का चयन एवं प्राथमिकता निर्धारण की प्रक्रिया को पूर्ण किया जा चुका है तथा संबंधित पथों के अपग्रेडेशन के लिए आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई तीव्र गति से की जा रही है।

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इस दिशा में यूटिलिटी शिफ्टिंग, भूमि की पर्याप्त उपलब्धता, विभिन्न संबंधित विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) और वन विभाग की पूर्व-स्वीकृति जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों का समुचित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। साथ ही गुणवत्ता और तकनीकी उत्कृष्टता से कोई समझौता नहीं किया जा रहा है। योजनाओं के प्रभावी और त्रुटिहीन क्रियान्वयन के लिए विभागीय अभियंताओं और अधिकारियों द्वारा आवश्यकतानुसार स्थलीय निरीक्षण एवं तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस जमीनी अनुश्रवण का सीधा उद्देश्य परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं पूर्ण व्यवहार्यता को सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में उच्च स्तरीय और टिकाऊ सड़कों का निर्माण हो सके। ग्रामीण कार्य विभाग का यह कदम राज्य के अंतिम बसावट तक दीर्घकालिक एवं निर्बाध ग्रामीण सड़क सम्पर्कता उपलब्ध कराने की सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है। सात निश्चय-3 के अंतर्गत ग्रामीण अधोसंरचना के इस व्यापक सुदृढ़ीकरण से केवल आवागमन ही सुगम नहीं होगा, बल्कि निर्बाध यातायात के कारण आमजनों को सहूलियत होगी और बिहार की संपूर्ण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई रफ़्तार मिलेगी।