नासरीगंज (रोहतास): जिले के बिक्रमगंज अनुमंडल अंतर्गत नासरीगंज थाना क्षेत्र के लाला अतिमी गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक किसान की जान चली गई। खेत में धान की फसल देखने गए किसान की 11 हजार वोल्ट की झूलती बिजली तार की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में मातम पसरा है। वहीं, आक्रोशित परिवार के सदस्यों ने बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मृतक की पहचान लाला अतिमी गांव निवासी वृंदावन सिंह, पिता स्वर्गीय शमशेर सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वृंदावन सिंह अपने धान के खेत का जायजा लेने गए थे। इसी दौरान खेत में नीचे की ओर झूल रही 11 हजार वोल्ट की बिजली तार की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
कई महीनों से झूल रही थी बिजली की तार
मृतक के परिजनों का आरोप है कि खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली की तार कई महीनों से झूल रही थी। इसकी शिकायत कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से की गई थी, लेकिन तार को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। परिजनों ने इस हादसे के लिए बिजली विभाग के जेई, एसडीओ और मानव बल को जिम्मेदार ठहराते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है।
घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। हादसे के चलते बिजली आपूर्ति भी 24 घंटे से अधिक समय तक बंद रही, जिससे आसपास के दर्जनों गांव प्रभावित हुए। इस संबंध में बिक्रमगंज के एसडीएम ने जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल कराने की बात कही है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
नासरीगंज थानाध्यक्ष अविनाश कुमार ने बताया कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है और उसके आधार पर जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली तारों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि झूलते तारों को जल्द ठीक कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।







