सीएसआईआर-एनएमएल में जनजातीय गौरव दिवस, 144 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
'Tribal Pride Day' (Janjatiya Gaurav Diwas) at CSIR-NML; 144 students participated

रांची/जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (सीएसआईआर-एनएमएल) में जनजातीय गौरव दिवस उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करने के साथ आदिवासी संस्कृति, परंपरा, अधिकारों और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। आयोजन में जनजातीय समुदायों के 144 स्कूली विद्यार्थियों, सात शिक्षकों और विभिन्न प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में ट्राइबल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष वैद्यनाथ मांडी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सीएसआईआर-एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी, डॉ. एम. एम. ह्यूमेन, जय शंकर शरण और डॉ. पारिक्षित मुंडा भी मंच पर उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से हुई।

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निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने अतिथियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान के अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि जनजातीय गौरव दिवस उन वीर जनजातीय स्वतंत्रता सेनानियों के साहस और बलिदान को सम्मान देने का अवसर है, जिन्होंने देश की आजादी के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देते हुए उनके न्याय, समानता और जनजातीय अस्मिता के लिए किए गए संघर्ष को याद किया।

उन्होंने जनजातीय समाज के सामने संस्कृति संरक्षण, सामाजिक न्याय, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और आने वाली पीढ़ियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने जैसी प्रमुख जिम्मेदारियों पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से जनजातीय महानायकों के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और समाज के विकास में योगदान देने की अपील की।

डॉ. पारिक्षित मुंडा ने जनजातीय गौरव, पहचान और सशक्तिकरण को देश के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। वहीं, मुख्य वैज्ञानिक एवं एससी/एसटी संपर्क अधिकारी डॉ. मनोज एम. ह्यूमेन ने संविधान में जनजातीय समुदायों के लिए किए गए प्रावधानों, उनके अधिकारों और विद्यार्थियों को मिलने वाली शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी।

मुख्य अतिथि वैद्यनाथ मांडी ने जनजातीय युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ट्राइबल इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री सरकारी योजनाओं, एमएसएमई पंजीकरण, जीएसटी और लाइसेंस जैसी प्रक्रियाओं में जनजातीय उद्यमियों की सहायता करता है। उन्होंने आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ रोजगार के अवसर पैदा करने तथा अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

जय शंकर शरण ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में विद्यार्थियों को सीएसआईआर-एनएमएल की अनुसंधान प्रयोगशालाओं और खनिज, धातु एवं पदार्थ विज्ञान से जुड़ी गतिविधियों का भ्रमण कराया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि विकसित करना था। अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ. कृष्ण कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।