मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने रामगढ़ में मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण
The Chief Electoral Officer inspected polling stations in Ramgarh.

रामगढ़ (झारखंड): झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े कार्यों की समीक्षा के लिए रामगढ़ जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राज्यभर में आयोजित बीएलओ और बीएलए-2 की पांचवीं बैठक तथा चुनाव पाठशाला कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने कुल आठ मतदान केंद्रों पर चल रही गतिविधियों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्र संख्या 94, 95, 121, 122, 123, 125, 126 और 127 पर आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने में हरसंभव सहयोग किया जाए। उन्होंने सक्षम पदाधिकारियों के माध्यम से जाति प्रमाण पत्र और वंशावली उपलब्ध कराने में सहायता देने को भी कहा।

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नए मतदाताओं का नाम जोड़ने पर जोर

के. रवि कुमार ने बीएलओ को घर-घर सर्वे के दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले और भविष्य में मतदाता बनने के योग्य युवाओं की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। ऐसे युवाओं को फॉर्म-6 उपलब्ध कराने और संबंधित जानकारी बीएलओ रजिस्टर में दर्ज करने को कहा गया। इसके अलावा नए पात्र भारतीय नागरिकों को मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ फॉर्म-6 जमा करने में मदद करने का निर्देश दिया।

उन्होंने दूसरे राज्यों से संबंधित मतदाताओं की मैपिंग भी संबंधित राज्यों की पूर्व एसआईआर मतदाता सूची के आधार पर निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराने को कहा।

फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन में तेजी लाने का निर्देश

निरीक्षण के दौरान बीएलओ ने फॉर्म-6 के डिजिटाइजेशन में आ रही तकनीकी कठिनाइयों से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने इस कार्य में सहयोग के लिए विशेष कैंप आयोजित कराने का अनुरोध किया। बीएलओ ने बताया कि मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदनों के डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया जारी है।

इस पर के. रवि कुमार ने राज्यभर में चल रहे हाउस-टू-रोल वेरिफिकेशन का कार्य निर्धारित समयसीमा तक पूरा करने और सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्यापन के दौरान कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित नहीं रहना चाहिए और किसी भी अपात्र या विदेशी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।