मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कुढ़नी प्रखंड क्षेत्र में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करने के आरोप में दो शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले को लेकर बिहार सरकार के निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), मुजफ्फरपुर को पत्र भेजकर दोनों शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक सह सहायक जांचकर्ता दिवाकर कुमार दिनकर द्वारा 4 जून 2026 को जारी पत्र में इस पूरे मामले की जानकारी दी गई है।
पत्र में कहा गया है कि माननीय पटना हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका और निगरानी जांच संख्या 08/15 (शिक्षा, पटना) के तहत शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही थी। प्रमाणपत्र सत्यापन के दौरान दो शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेज फर्जी पाए गए। जांच पूरी होने के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई और संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। मामले में राजत कुमार राम, जो राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बाघी माघो, कुढ़नी प्रखंड में पदस्थापित हैं, तथा निर्मला सिंह, जो मध्य विद्यालय बारा किशुन, कुढ़नी प्रखंड में कार्यरत हैं, के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दोनों शिक्षकों के विरुद्ध मुजफ्फरपुर जिले के मनियारी थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
निगरानी ब्यूरो ने अपने पत्र में कहा है कि प्रमाणपत्र सत्यापन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। साथ ही जिला शिक्षा प्रशासन को उनके खिलाफ विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। विभागीय स्तर पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जिला शिक्षा प्रशासन से अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है। साथ ही यह भी कहा है कि दोनों शिक्षकों के खिलाफ की जाने वाली विभागीय कार्रवाई की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।







