सासाराम। रोहतास में उम्मीद और मानवीय संवेदना की एक तस्वीर सामने आई है। डेहरी निवासी दिव्यांग जितेंद्र कुमार रहने के लिए जमीन की मांग लेकर जिला समाहरणालय पहुंचे। दोनों पैरों से चलने में असमर्थ जितेंद्र अपने हाथों और घुटनों के सहारे कलेक्ट्रेट की सीढ़ियां चढ़कर डीएम कार्यालय तक पहुंचे।
जितेंद्र कुमार की यह स्थिति देखकर समाहरणालय में मौजूद लोग भावुक हो गए। डीएम दीपक कुमार मिश्रा के सामने उन्होंने अपनी परेशानी रखी और रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग की। डीएम ने उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के साथ मामले पर चर्चा की।
इसके बाद डीएम ने जिले के सभी अंचल और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पात्र भूमिहीन परिवारों का सर्वे कराने का निर्देश दिया। अधिकारियों से ऐसे परिवारों की सूची तैयार करने को कहा गया है, ताकि पात्र लोगों को प्राथमिकता के आधार पर भूमि उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन के इस निर्देश से जिले में लंबे समय से जमीन के अभाव में रहने वाले पात्र भूमिहीन परिवारों के लिए उम्मीद जगी है। हालांकि, भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पात्रता, सर्वेक्षण और संबंधित प्रशासनिक नियमों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
जितेंद्र कुमार की फरियाद केवल उनके व्यक्तिगत आवास की जरूरत तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस मामले ने जिले के अन्य भूमिहीन परिवारों की समस्या की ओर भी प्रशासन का ध्यान खींचा है।
हाथों और घुटनों के सहारे कलेक्ट्रेट की सीढ़ियां चढ़कर डीएम तक पहुंचने वाले जितेंद्र की तस्वीर अब एक ऐसी पहल से जुड़ गई है, जिससे पात्र भूमिहीन परिवारों को जमीन मिलने की उम्मीद बनी है।







