स्टॉकहोम: स्वीडन में सरकार गठन को लेकर जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच दक्षिणपंथी स्वीडन डेमोक्रेट्स पार्टी (एसडीपी) ने मंत्री पदों की अपनी मांग वापस लेने की घोषणा की है। पार्टी के इस फैसले से मॉडरेट पार्टी के नेता उल्फ क्रिस्टर्सन के नेतृत्व में चार दलों की मध्य-दक्षिणपंथी सरकार के गठन का रास्ता आसान हो सकता है।
एसडीपी प्रमुख जिम्मी ओकेसन ने अपने गृह नगर सॉल्वेसबर्ग में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उनकी पार्टी सरकार गठन की प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री पद के लिए होने वाले मतदान में एसडीपी तटस्थ रहते हुए क्रिस्टर्सन का समर्थन करेगी। हालांकि, सरकार बनने के बाद उनकी पार्टी मंत्रिमंडल में शामिल नहीं होगी और अगले चुनाव तक विपक्ष में बैठेगी।
ओकेसन ने कहा कि उनकी पार्टी का प्रमुख उद्देश्य प्रधानमंत्री कार्यालय में ग्रीन पार्टी और लेफ्ट पार्टी को सत्ता में आने से रोकना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि एसडीपी सरकार के साथ बातचीत के जरिए बजट से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए तैयार है। इस तरह पार्टी ने मंत्रिमंडल में शामिल हुए बिना सरकार को मुद्दों के आधार पर समर्थन देने की संभावना खुली रखी है।
मॉडरेट पार्टी के नेता उल्फ क्रिस्टर्सन ने एसडीपी के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने इसे जिम्मेदाराना कदम बताते हुए कहा कि इससे सरकार बनाने की कठिन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, सरकार गठन को लेकर सभी दलों के बीच सहमति नहीं बन पाई है। उदारवादी सेंटर पार्टी ने अपना कड़ा रुख बरकरार रखते हुए कहा है कि वह ऐसी किसी भी सरकार या मंत्रिमंडल का समर्थन नहीं करेगी, जो एसडीपी पर निर्भर हो।
वहीं, मुख्य विपक्षी सोशल डेमोक्रेट्स पार्टी के उपसमूह नेता एंडर्स यगेमैन ने एसडीपी के फैसले पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इससे राजनीतिक स्थिति में कोई वास्तविक बदलाव नहीं आया है और क्रिस्टर्सन की प्रस्तावित सरकार अब भी ओकेसन के समर्थन पर निर्भर रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद स्वीडन में सरकार गठन की प्रक्रिया में आगे की राजनीतिक बातचीत और विभिन्न दलों के रुख पर नजर रहेगी।







