
शिवसागर (रोहतास): लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा की धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्ता से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से शिवसागर प्रखंड के मध्य विद्यालय जनजरा में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ भाग लिया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार ने किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को छठ महापर्व की परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। शिक्षकों ने बताया कि छठ पूजा बिहार की सांस्कृतिक पहचान और लोक आस्था का प्रमुख पर्व है। यह पर्व भगवान सूर्य की उपासना के साथ-साथ प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, स्वच्छता, अनुशासन, पवित्रता और सामाजिक एकता का संदेश देता है।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक अंजनी कुमार ने कहा कि छठ महापर्व हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों का प्रतीक है। नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, सभ्यता और लोक परंपराओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। विद्यालय में इस तरह के आयोजनों से बच्चों को अपनी जड़ों और त्योहारों की वास्तविक महत्ता समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अच्छे संस्कार, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक चेतना विकसित करना भी है। ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शिक्षकों ने उन्हें छठ पूजा के विभिन्न अनुष्ठानों, सूर्यदेव को अर्घ्य देने की परंपरा तथा पर्व के दौरान साफ-सफाई और पवित्रता बनाए रखने के महत्व से अवगत कराया।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम से उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा। शिक्षकों ने कहा कि विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को अपनी परंपराओं और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना आवश्यक है।
इस आयोजन के जरिए मध्य विद्यालय जनजरा ने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक जागरूकता और पारंपरिक विरासत के संरक्षण का भी संदेश दिया।






