भित्ति गांव में कब्रिस्तान-श्मशान विवाद गहराया, ग्रामीणों ने एसडीएम से लगाई गुहार
Dispute over graveyard and cremation ground intensifies in Bhitti village; villagers appeal to the SDM.

मोहनिया (कैमूर): बिहार के कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र स्थित भित्ति गांव में कब्रिस्तान, श्मशान घाट और रास्ते को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में स्थानीय ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी (सीओ) पर बिना स्थल निरीक्षण किए रिपोर्ट तैयार करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने इस संबंध में मोहनिया के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) से मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

ग्रामीणों का कहना है कि विवादित स्थल पर अभी तक बाउंड्री का निर्माण नहीं हुआ है, इसके बावजूद कथित तौर पर रिपोर्ट में बाउंड्री होने की बात दर्ज की गई है। लोगों ने रिपोर्ट की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की दोबारा जांच कराने की मांग की है।

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रास्ता रोके जाने का भी आरोप

भित्ति गांव के लोगों के अनुसार, कब्रिस्तान, श्मशान घाट और वहां तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर विवाद बना हुआ है। ग्रामीणों ने आने-जाने का रास्ता रोके जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि विवादित स्थल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण किया जाए और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार कराई जाए। उनका कहना है कि मौके की सही स्थिति सामने आने से विवाद के समाधान का रास्ता निकल सकता है।

एसडीएम ने जांच का दिया आश्वासन

मामले को लेकर ग्रामीणों ने मोहनिया एसडीएम से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद एसडीएम ने स्थल की जांच कराने और सही तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने अंचल अधिकारी को मामले की जांच करने के निर्देश भी दिए हैं।

प्रशासन की ओर से जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि विवादित स्थल की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी और उनकी शिकायतों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

जांच रिपोर्ट पर टिकी ग्रामीणों की नजर

भित्ति गांव में कब्रिस्तान, श्मशान घाट और रास्ते से जुड़ा यह विवाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल ग्रामीणों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। अब सभी की नजर स्थल निरीक्षण और जांच रिपोर्ट पर टिकी है। इसके आधार पर ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।