नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के मालवा क्षेत्र में पारंपरिक बुनकरी और जैविक कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई ‘नव-त्रिन्जन’ पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से पारंपरिक हुनर को नई पहचान मिल रही है और ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।
प्रधानमंत्री रविवार को आकाशवाणी पर प्रसारित अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 139वीं कड़ी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में कई पारंपरिक कौशल पीढ़ियों से हमारी सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रहे हैं। अब इन्हें नए प्रयोगों और आधुनिक प्रयासों के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
जैविक कपास और प्राकृतिक रंगों पर जोर
प्रधानमंत्री ने बताया कि पंजाब के मालवा क्षेत्र में ‘खेती विरासत मिशन’ की ओर से ‘नव-त्रिन्जन’ पहल संचालित की जा रही है। इसके तहत बिना रासायनिक पदार्थों के जैविक कपास की खेती को प्रोत्साहित किया जाता है। प्राकृतिक रंगों वाली कपास उगाने पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे तैयार धागों और कपड़ों को रंगने के लिए अतिरिक्त रसायनों की आवश्यकता कम हो सकती है।
इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण के अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के साथ पारंपरिक हथकरघा और बुनकरी की कला को संरक्षित करना है।
प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
पीएम मोदी ने बताया कि ‘नव-त्रिन्जन’ के तहत बुनकरी स्कूल भी चलाया जा रहा है, जहां महिलाओं को हथकरघे पर कपड़ा बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। उन्होंने रमनदीप कौर, रेखा रानी, सुनेहा देवी और रजनी कौर का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह इन महिलाओं ने प्रशिक्षण के माध्यम से अपने जीवन में बदलाव लाया है।
रमनदीप कौर पहले मजदूरी करती थीं, लेकिन अब कुशल बुनकर बन चुकी हैं। रेखा रानी ने प्रशिक्षण से पहले कभी हथकरघा नहीं देखा था, लेकिन उनके हाथों से तैयार शॉल राष्ट्रपति को भेंट की गई। वहीं, सुनेहा देवी और रजनी कौर भी घरेलू काम और खेतों में मजदूरी करने के बजाय अब बुनकरी से अपनी आजीविका मजबूत कर रही हैं।
पारंपरिक हुनर को मिल रही नई पहचान
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद कई महिलाएं जैविक कपास के धागों से शॉल, तौलिए और अन्य कपड़े तैयार कर रही हैं। इससे उन्हें आय अर्जित करने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर उन्हें इस टीम से मिलने का मौका मिला था। पीएम मोदी ने महिलाओं के समर्पण और काम के प्रति उनके जुनून की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।







