तिरुवनंतपुरम। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल में भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। तीन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि दो जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
तीन जिलों में रेड अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पठानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ और कन्नूर में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा और कासरगोड जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इडुक्की और पलक्कड़ में भी चेतावनी
मौसम विभाग ने इडुक्की और पलक्कड़ जिलों के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया है। पठानमथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम में ऑरेंज अलर्ट, जबकि तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, कोझिकोड और वायनाड में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
विभाग के अनुसार, केरल में कुछ स्थानों पर 24 घंटे के दौरान 7 से 11 सेंटीमीटर भारी, 12 से 20 सेंटीमीटर बहुत भारी और कहीं-कहीं 20 सेंटीमीटर से अधिक अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। वहीं, केरल और लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
मौसम विभाग ने केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटों पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। दक्षिणी तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कन्याकुमारी क्षेत्र में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा के झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
तटीय इलाकों में ऊंची लहरों का खतरा
भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) ने कल्लाक्कडल घटना के कारण तिरुवनंतपुरम तट पर कप्पिल से पॉजियूर तक तटीय जलभराव की आशंका जताई है। प्रभावित क्षेत्रों में 0.8 से 1.2 मीटर ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी गई है।
तटीय निवासियों और पर्यटकों को संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने तथा समुद्र तटों पर गतिविधियां रोकने की सलाह दी गई है। छोटी नावों और मछली पकड़ने वाले जहाजों को समुद्र में न जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।







