कैमूर: दिनारा के विधायक और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ने तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर किए गए ट्वीट पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने राजनीतिक पक्ष को देखना चाहिए। आलोक सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में लिए जा रहे फैसलों की सराहना करते हुए एनडीए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। साथ ही, उन्होंने आरएलएम में मतभेद और बगावत की खबरों को गलत बताया।
शिक्षा के क्षेत्र में फैसलों का किया जिक्र
आलोक सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शपथ लेने के बाद बिहार के हित में कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने एक साथ 200 से अधिक डिग्री कॉलेज खोलने की योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
उन्होंने आपराधिक छवि से जुड़े आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि संबंधित मामले में न्यायालय से क्लीन चिट मिलने की बात सामने आई है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
एमएलसी चुनाव में एनडीए की जीत का दावा
बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर आरएलएम प्रदेश अध्यक्ष ने एनडीए के सभी प्रत्याशियों की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि एनडीए के उम्मीदवार बहुमत से जीत हासिल करेंगे।
आलोक सिंह ने शिक्षा बजट का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार के बजट का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों से प्रभावित होकर मतदाता एनडीए प्रत्याशियों का समर्थन करेंगे। हालांकि, चुनाव का वास्तविक परिणाम मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।
आरएलएम में बगावत की खबरों को बताया गलत
आरएलएम में कथित बगावत और नाराजगी की खबरों पर आलोक सिंह ने कहा कि उन्होंने एनडीए के एक सामान्य कार्यकर्ता के हित में अपनी बात रखी थी, लेकिन शीर्ष नेतृत्व ने जो निर्णय लिया, उसे उन्होंने स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार सभी लोग काम कर रहे हैं।
आलोक सिंह ने आरएलएम में टूट या किसी तरह की अंदरूनी नाराजगी होने की खबरों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने कहा कि पार्टी एकजुट है और एनडीए अपने कार्यकर्ताओं का विशेष ध्यान रखता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे एनडीए प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार कर रहे थे।







