Home बिहार अराजकता उत्पन्न करने वाली मानसिकता कतई स्वीकार्य नहीं: विजय सिन्हा

अराजकता उत्पन्न करने वाली मानसिकता कतई स्वीकार्य नहीं: विजय सिन्हा

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The mentality that creates anarchy is not acceptable at all: Vijay Sinha

हड़ताली अंचल एवं राजस्व अधिकारियों से की गई छह बार वार्ता

पटना। राज्य में हड़ताल पर गए अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर लगातार संवाद की प्रक्रिया जारी है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि अब तक उनके प्रतिनिधियों से छह बार वार्ता कर उनकी समस्याओं को समझने और समाधान निकालने का प्रयास किया गया है। उनके और प्रधान सचिव श्री सीके अनिल के द्वारा समाधान के लगातार प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी राजस्व विभाग के परिवार का अभिन्न अंग हैं और उनकी परेशानी दूर करना पहली प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से बुधवार को रात नौ बजे तक विभागीय कार्यालय कक्ष में बैठकर प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत वार्ता की गई। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार उनकी जायज़ मांगों पर गंभीरता से विचार करने को तैयार है, लेकिन जो मांगें विभागीय या नीतिगत कारणों से पूरी नहीं की जा सकतीं, उन पर अडिग रहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्णय की आड़ में गलत कार्य करने का अधिकार किसी को नहीं है और सभी कार्रवाई नियमों के अनुसार ही संभव है।

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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोग दबाव की राजनीति कर रहे हैं, जो समाधान का रास्ता नहीं है। जनता की आंखों से बहता आंसू खुशी प्रदान नहीं कर सकता। राज्य में सत्ता परिवर्तन का इंतजार करना भारी पड़ेगा। सरकार पहले भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की थी, आज भी एनडीए की है और आगे भी एनडीए की ही रहेगा। उन्होंने कहा कि अभी भी 589 राजस्व सेवा के अधिकारी कार्यरत हैं। ऐसे जो अधिकारी काम कर रहे हैं उनके प्रति सरकार की पूरी सहानुभूति है। ऐसे ही अधिकारियों के काम से इस अवधि में भी जनता का काम हो रहा है। आज तक दाखिल–खारिज के 23449, परिमार्जन के 96469 और ई मापी के 14220 मामलों का निष्पादन किया गया है। उन्होंने हड़ताली अधिकारियों से अपील की कि वे संवाद की प्रक्रिया में सकारात्मक भागीदारी करें ताकि आम जनता से जुड़े राजस्व कार्यों का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने अंतिम समय देते हुए कहा कि शुक्रवार की शाम तक काम पर वापस लौट आनेवालों की नौकरी ब्रेक नहीं होगी और पदोन्नति की संभावना बनी रहेगी लेकिन जो नहीं लौटेंगे उनके लिए सहानुभूति और पदोन्नति की उम्मीद समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो आमजनों की समस्या के समाधान के उद्देश्य से सरकार नई बहाली का रास्ता अख्तियार करेगी।