पटना: बिहार में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब सरकारी स्कूलों के शिक्षक और छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी नई तकनीकों से जुड़ेंगे। शिक्षा विभाग ने इसके लिए व्यापक योजना तैयार की है, जिसके तहत शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे कक्षा में पढ़ाई के तरीके को अधिक प्रभावी और तकनीकी रूप से उन्नत बना सकें। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की पहल पर पटना में 21 और 22 अप्रैल को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘एआई एलिवेट फॉर एजुकेटर्स’ नामक इस कार्यक्रम का आयोजन पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से किया गया, जबकि इसका संचालन माइक्रोसॉफ्ट के ग्लोबल पार्टनर ‘डी पेडागोंगिक्स’ द्वारा किया गया। इस प्रशिक्षण में राज्य के 10 जिलों—वैशाली, नवादा, मुजफ्फरपुर, रोहतास, पटना, भागलपुर, सारण, सीतामढ़ी, गोपालगंज और कटिहार—से आए 160 मास्टर ट्रेनर्स और 27 शिक्षक शिक्षा संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। इस पहल के तहत ‘ट्रेन द ट्रेनर’ मॉडल अपनाया जाएगा। प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स अपने-अपने जिलों में अन्य शिक्षकों को एआई की जानकारी देंगे, जिससे यह ज्ञान तेजी से पूरे राज्य में फैल सके। इसके बाद शिक्षक छात्रों को भी एआई के बुनियादी सिद्धांत और उसके उपयोग के बारे में सिखाएंगे। इसके साथ ही शिक्षा विभाग की एक विशेष टीम ने अन्य राज्यों—केरल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, असम और तेलंगाना—की शिक्षा प्रणाली का अध्ययन किया है। यह टीम 24 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, जिसके आधार पर राज्य में शिक्षा सुधार के लिए आगे की रणनीति तय की जाएगी।







