
बिजली करंट से सतानंद तिवारी की मौत के बाद प्रशासन आगे आया, 7 दिनों तक चलेगा सहयोग अभियान
सासाराम (रोहतास) रोहतास जिले के सासाराम से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो प्रशासन के मानवीय चेहरे को उजागर करती है। चेनारी प्रखंड में बिजली करंट की चपेट में आने से सतानंद तिवारी की असामयिक मौत ने जहां एक ओर बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की संवेदनशीलता ने इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है। इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सतानंद तिवारी अपने पीछे छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों को छोड़ गए हैं, जिनके सामने अब आजीविका और भविष्य की चिंता सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है। घटना के बाद बिजली विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी गई, लेकिन सासाराम की एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने इसे परिवार की दीर्घकालिक जरूरतों के लिए अपर्याप्त माना। इसके बाद उन्होंने खुद पहल करते हुए एक अनोखा कदम उठाया।एसडीएम ने अपने कार्यालय में एक विशेष डोनेशन बॉक्स स्थापित कर पीड़ित परिवार की मदद के लिए चंदा अभियान शुरू किया है। यह अभियान लगातार 7 दिनों तक चलेगा, जिसमें आम लोगों के साथ-साथ अधिकारी और कर्मचारी भी स्वेच्छा से योगदान दे रहे हैं। इस मुहिम में प्रशासनिक अमला ही नहीं, बल्कि अन्य विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय वकील भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। सभी का उद्देश्य एक ही है—पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल देना और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने में सहयोग करना। इधर, एडीएम ने इस पूरे मामले में बिजली विभाग की संभावित लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह पहल न सिर्फ प्रशासन की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि सरकारी जिम्मेदारियों के साथ मानवीय सरोकार निभाना भी उतना ही जरूरी है। सासाराम प्रशासन की यह कोशिश समाज के लिए एक प्रेरणा बनकर सामने आई है।






