औरंगाबाद। कृषि विज्ञान केंद्र, सिरिस में आयोजित प्राकृतिक खेती जिला कार्यशाला में सदर विधायक एवं भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष त्रिविक्रम नारायण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यशाला में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव और किसानों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर दिलीप कुमार सिंह, सुरेश मेहता, राजेंद्र चौधरी सहित कृषि विभाग के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, कृषि मित्र, किसान सखी (जीविका दीदी), प्रगतिशील किसान और बड़ी संख्या में कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहे।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के भी प्राकृतिक एवं जैविक खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है। साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी साझा की गई, ताकि किसान इनका लाभ उठा सकें।अपने संबोधन में विधायक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने कहा कि, “एक बार प्राकृतिक खेती को अपनाइए, सरकार और मेरे स्तर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। प्रकृति की ओर लौटने से समाज स्वस्थ होगा और समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त होगा।

”उन्होंने नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, शिवराज सिंह चौहान और विजय कुमार सिन्हा द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों को देश का अन्नदाता और सच्चा सहयोगी मानकर काम कर रही है।भीषण 44 डिग्री तापमान के बावजूद बड़ी संख्या में कार्यशाला में पहुंचे किसानों, जीविका दीदियों, कृषि मित्रों और अधिकारियों के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करें ताकि किसानों को वास्तविक लाभ मिल सके।अंत में उन्होंने प्राकृतिक खेती के इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।







