शिवराज का विपक्ष पर निशाना, बोले- हार की खीझ में चुनाव आयोग पर सवाल
Shivraj targets the opposition, says they are questioning the Election Commission out of frustration over their defeat.

नयी दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव आयोग को लेकर विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर अपनी हार की खीझ निकाल रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से चुनावी जनादेश को स्वीकार करने और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते समय संयम बरतने की अपील की।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चुनाव में हार को स्वीकार करना लोकतंत्र की मूल भावना है। उनके अनुसार विपक्ष को संवैधानिक संस्थाओं पर निराधार आरोप लगाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन चुनावी संस्थाओं और व्यवस्थाओं पर विपक्ष सवाल उठा रहा है, उसी व्यवस्था के तहत कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने केरल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और झारखंड में चुनाव जीतकर सरकारें बनाई हैं।

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उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि यदि इन राज्यों में मिली जीत वैध थी तो चुनाव प्रक्रिया पर मौजूदा सवाल किस आधार पर उठाए जा रहे हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनाव परिणामों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां समाजवादी पार्टी को मिली सीटों को भी इसी चुनावी व्यवस्था के तहत जनादेश मिला था।

चौहान ने मतदाता सूची की शुद्धता को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मृत व्यक्तियों, डुप्लीकेट मतदाताओं और स्थान बदल चुके लोगों के नाम सूची से हटाए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति देश का नागरिक नहीं है तो उसका नाम मतदाता सूची में क्यों होना चाहिए।

ईवीएम के स्थान पर मतपत्र से चुनाव कराने की मांग को लेकर भी चौहान ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, एसआईआर को रद्द करना और बैलेट पेपर से चुनाव कराना शामिल है।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में समय के साथ कई सुधार हुए हैं। उनके अनुसार ईवीएम से बूथ कब्जाने की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिली, जबकि फोटो मतदाता पहचान पत्र और मतदाता सूची की जांच से फर्जी मतदान रोकने में सहायता मिली। उन्होंने एसआईआर को भी मतदाता सूची में सुधार की प्रक्रिया का हिस्सा बताया।

चौहान ने विपक्ष से दोहरा रवैया छोड़ने और चुनावी सुधारों का विरोध करने के बजाय उन्हें आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनादेश का सम्मान करते हुए चुनाव व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम होना चाहिए।