चंडीगढ़। पंजाब के अमृतसर जिले में ग्रामीण आबादी को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 266.95 करोड़ रुपये की नहर आधारित बहुउद्देश्यीय जल आपूर्ति योजना शुरू की गई है। जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने परियोजना का उद्घाटन किया। योजना के पूरा होने पर जिले के 167 गांवों के करीब 2.86 लाख लोगों को इसका लाभ मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत इन गांवों के 45,343 घरों तक उपचारित नहर का पानी पहुंचाया जाएगा। इसके लिए अपर बारी दोआब नहर की लाहौर शाखा पर कंदोवाली और मज्जूपुरा में कुल 39 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) क्षमता वाले दो जल उपचार संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा गांवों तक पानी पहुंचाने के लिए करीब 285.97 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन और 20 जल भंडारण टंकियों का निर्माण किया जा रहा है।
परियोजना के दायरे में अजनाला ब्लॉक के 101 गांव, हरसा छीना के 56 गांव, मजीठा के नौ गांव और चौगावां का एक गांव शामिल है। नहर से प्राप्त पानी को जल उपचार संयंत्रों में शुद्ध करने के बाद पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से संबंधित गांवों तक पहुंचाया जाएगा।
जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के प्रशासनिक सचिव रामवीर ने बताया कि क्षेत्र के कुछ गांवों में भूजल में टीडीएस और आर्सेनिक जैसे तत्वों की मात्रा अधिक होने के कारण पेयजल की गुणवत्ता को लेकर समस्या बनी हुई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए नहर आधारित जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित की गई है।
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि परियोजना का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ भूजल पर निर्भरता कम करना है







