कपूरथला। पंजाब के कपूरथला जिले में सरकारी ऋण योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त आकाश बंसल ने बैंकों को निर्देश दिया है कि स्वीकृत ऋण राशि जारी करने में अनावश्यक देरी न की जाए और पात्र आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
जिला परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त ने विभिन्न सरकारी ऋण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत स्वीकृत कुछ मामलों में ऋण राशि जारी नहीं किए जाने का मामला सामने आया। इस पर उन्होंने संबंधित बैंक अधिकारियों को लंबित मामलों का तत्काल निपटारा करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में ऋण स्वीकृत हो चुका है, उनमें राशि जारी करने में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। पात्र मामलों को लंबे समय तक लंबित रखने या स्वीकृत ऋण राशि समय पर जारी नहीं करने पर संबंधित बैंक के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सुनारों और मोचियों से संबंधित 74 ऋण आवेदन लंबित हैं। उपायुक्त ने इन आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी ऋण योजनाओं का उद्देश्य छोटे कारोबारियों, रेहड़ी-पटरी वालों, कारीगरों और अन्य पात्र लोगों को समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। बैंक स्तर पर अनावश्यक देरी से योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होता है और लाभार्थियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
बैठक के दौरान कई बैंकों के जिला समन्वय अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी उपायुक्त ने नाराजगी जताई। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक को संबंधित बैंकों के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में मामला लाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने लंबित आवेदनों की नियमित निगरानी करने और बैंक अधिकारियों तथा जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केवल प्रक्रिया संबंधी देरी या समन्वय की कमी के कारण कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए। प्रशासन ने बैंकों से ऋण योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने को कहा है।







