पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए रामविलास पासवान का संघर्ष तथा उनका समर्पण हमेशा स्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी संदेश में रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि देते हुए उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि पासवान ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के कमजोर, गरीब और वंचित वर्गों के हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
रामविलास पासवान का जन्म बिहार के खगड़िया जिले के शहरबन्नी गांव में हुआ था। उन्होंने बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। इसके बाद वह लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए और हाजीपुर संसदीय क्षेत्र से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। हाजीपुर से उनकी चुनावी जीत ने उन्हें देश की राजनीति में प्रमुख नेताओं में स्थापित किया।
रामविलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी की स्थापना की और लंबे समय तक पार्टी का नेतृत्व किया। केंद्र की अलग-अलग सरकारों में उन्हें कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने रेल, संचार, कोयला एवं खान, इस्पात तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण जैसे मंत्रालयों में केंद्रीय मंत्री के रूप में कार्य किया।
राजनीतिक जीवन के दौरान रामविलास पासवान दलितों, गरीबों और वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहे। सामाजिक न्याय, समान अवसर और कमजोर वर्गों के अधिकार उनके राजनीतिक जीवन के प्रमुख विषयों में शामिल रहे। बिहार की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई।
रामविलास पासवान का निधन 74 वर्ष की उम्र में हुआ था। उनके निधन के बाद उनके पुत्र चिराग पासवान ने उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया और लोक जनशक्ति पार्टी से जुड़े राजनीतिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा दी गई श्रद्धांजलि के माध्यम से राज्य सरकार की ओर से भी रामविलास पासवान के सार्वजनिक जीवन और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया गया। उनके समर्थकों और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी उनके योगदान को स्मरण किया।







