
अलवर: राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षकों के तबादलों को लेकर स्पष्ट किया है कि सरकार के लिए सबसे पहले छात्र हित सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में गांवों के स्कूलों को खाली नहीं होने दिया जाएगा। अलवर में शुक्रवार रात पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब श्री दिलावर से पूछा गया कि तबादलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं का कितना ध्यान रखा गया है, तो उन्होंने कहा कि सरकार पूरी जनता का ध्यान रखती है। उन्होंने कहा, “ जिस व्यक्ति को कोई पीड़ा है, उसकी पीड़ा को कम करना हमारा दायित्व है। ”
श्री दिलावर ने कहा कि हर कर्मचारी अपनी पसंद की जगह और अपने घर के नजदीक आना चाहता है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ने वाले बच्चों को भी शिक्षकों की जरूरत है। ऐसे में सरकार तबादले करते समय इस बात का विशेष ध्यान रख रही है कि गांवों और शहरों में शिक्षकों का संतुलन बना रहे।
उन्होंने कहा, “ ऐसा नहीं हो सकता कि तबादले इतने कर दिये जायें कि गांव के स्कूल खाली हो जायें और सभी शिक्षक शहरों में आ जायें। यह अनुपात बिगड़ेगा तो निश्चित रूप से बच्चों का अहित होगा और हम किसी भी कीमत पर बच्चों का अहित नहीं होने देंगे। हमारे लिए छात्र हित पहले है और आगे भी रहेगा। ”
श्री दिलावर ने बताया कि शिक्षकों की तबादला सूची तैयार करके अधिकारियों को सौंप दी गयी है। अब अधिकारी एक-एक सूची की जांच के बाद उन्हें जारी कर रहे हैं, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी शिक्षक का नाम दो बार न आ जाये या किसी दिवंगत कर्मचारी का नाम सूची में शामिल न हो जाये।






