मोतिहारी: पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र के सिसवा पूर्वी निवासी शिक्षक समसाद आलम का लापता होने के करीब पांच घंटे बाद सदर अस्पताल में शव मिला। मामले में मृतक के पिता ने मिट्टी कटाई को लेकर चल रहे पुराने विवाद में हत्या का आरोप लगाया है।
पुलिस के अनुसार, समसाद आलम सिसवा उर्दू स्कूल में शिक्षक थे। स्कूल में पढ़ाने के बाद घर लौटने के दौरान उनके लापता होने की सूचना मिली थी। करीब पांच घंटे बाद उनका शव सदर अस्पताल में मिला।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण अस्पताल पहुंचे और शव को मुख्य द्वार के सामने रखकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच और आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की।
मृतक के पिता मो. रफीस ने बंजरिया प्रखंड के पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन और उसके समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मिट्टी कटाई को लेकर समसाद आलम और चमन के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों के अनुसार, इस संबंध में शिकायत भी की गई थी और समसाद को पहले धमकी दी गई थी।
पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर एक वाहन जब्त किया है। वहीं, आरोपित पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन की गिरफ्तारी के लिए 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।







