हमने संविधान की रक्षा का जश्न मनाया’, प्रियंका गांधी बोलीं- केंद्र पुराना बिल वापस लाए

महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर सियासी घमासान के बीच कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने संविधान की रक्षा करते हुए सरकार की परिसीमन से जुड़ी “साजिश” को नाकाम कर दिया है। प्रियंका गांधी ने बयान दिया, “हमने भारत के संविधान की रक्षा का जश्न मनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पूरी तरह पक्ष में है, लेकिन सरकार जिस तरीके से इसे लागू करना चाहती है, उससे सहमति नहीं है। प्रियंका गांधी ने केंद्र को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सरकार पुराने महिला आरक्षण विधेयक को वापस लाए, जिसे सभी दलों ने मिलकर पारित किया था। उन्होंने कहा, “सोमवार को संसद बुलाइए, बिल लाइए और देखिए कौन महिला विरोधी है, हम सभी उसका समर्थन करेंगे।” यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में लोकसभा में पेश संविधान (131वां संशोधन) विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका। मतदान में 298 सांसदों ने पक्ष में और 230 ने विरोध में वोट दिया, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विधेयक के पारित न होने की घोषणा की। विधेयक के फेल होने के बाद राजनीतिक माहौल और गरम हो गया है। केंद्र सरकार की ओर से अमित शाह ने विपक्ष पर इस महत्वपूर्ण सुधार को रोकने का आरोप लगाया, जबकि विपक्षी दलों ने कहा कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं, बल्कि इसे परिसीमन और जनगणना से जोड़ने के विरोध में हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस विधेयक को चुनावी ढांचे में बदलाव की कोशिश बताया। अब इस मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने के संकेत हैं, जिससे आने वाले दिनों में संसद और सियासत दोनों में बहस जारी रहने की संभावना है।

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