ऋषिके: उत्तराखंड के ऋषिकेश में साइबर ठगी के खिलाफ हरिद्वार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस और सीआईयू हरिद्वार की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए ‘मगध साइबर गैंग’ के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने के आरोपी सागर पाण्डेय को गिरफ्तार किया है। बलिया निवासी आरोपी को मायाकुंड क्षेत्र से तकनीकी सर्विलांस के आधार पर पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी साइबर ठगी से हासिल रकम मंगाने के लिए फर्जी या दूसरे लोगों के नाम पर खोले गए बैंक खाते गैंग को उपलब्ध कराता था। इसके बदले उसे मोटा कमीशन मिलता था। मामले में कोतवाली श्यामपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस टीम ने वांछित आरोपी की तलाश के लिए डिजिटल फुटप्रिंट और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल किया। जांच के दौरान चंद्रेश्वर रोड, मायाकुंड क्षेत्र में उसके ठिकाने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर काले रंग की स्कूटी से जा रहे सागर पाण्डेय को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सामने आया कि ग्राम सिकंदपुर, जिला बलिया का रहने वाला सागर पाण्डेय ऋषिकेश में रह रहा था और पूर्व में गिरफ्तार किए जा चुके मगध साइबर गैंग के सरगना कृष्णा पाण्डेय के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी स्थानीय लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता और बाद में इन खातों को साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने के लिए गैंग के सदस्यों को सौंप देता था।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने विशाल और श्याम नाम के व्यक्तियों के कुल 18 बैंक खाते गैंग को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की है। इन खातों के बदले उसे कमीशन मिलने की बात भी सामने आई है।
साथियों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड और संपर्क नंबर डिलीट कर दिए थे। हालांकि, तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को मोबाइल की गैलरी से विशाल के नाम से दर्ज बैंक खाते की तस्वीर समेत कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से रियलमी मोबाइल फोन और बैंक खातों तथा चैट से संबंधित रिकवर्ड डिजिटल दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पुलिस अब इस अंतर्राज्यीय साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश और पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में की गई। टीम में थानाध्यक्ष नितेश शर्मा, चौकी प्रभारी चंडीघाट देवेंद्र सिंह तोमर, कांस्टेबल विनित कुमार, राहुल देव, वसीम और सीआईयू हरिद्वार की टीम शामिल रही।







