Home राष्ट्रीय ट्रंप की बढ़ी चिंता, US तक मार करने वाले मिसाइल इंजन का...

ट्रंप की बढ़ी चिंता, US तक मार करने वाले मिसाइल इंजन का परीक्षण

238
0
Trump's concern grows as missile engine capable of hitting the US is tested

सियोल: उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने एक नए और शक्तिशाली मिसाइल इंजन के परीक्षण का जायजा लिया। सरकारी मीडिया ने रविवार को इसकी जानकारी दी। यह इंजन एक अपग्रेडेड, हाई-थ्रस्ट, सॉलिड-फ्यूल पर आधारित है और इसकी ताकत पहले से कहीं ज्यादा है। किम जोंग उन ने इसे देश की सैन्य शक्ति बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। इस परीक्षण का मकसद ऐसी मिसाइलें बनाना है जो अमेरिका और उसके सहयोगियों को निशाना बना सकें। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन मिसाइलों को पहचानना और रोकना बहुत मुश्किल है। कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के अनुसार, यह इंजन कार्बन फाइबर से बना है। इस इंजन की अधिकतम ताकत 2,500 किलोटन मापी गई है। इससे पहले सितंबर में हुए परीक्षण में यह ताकत 1,970 किलोटन थी। यह टेस्ट देश के पांच साल के हथियार विकास कार्यक्रम का हिस्सा है।

इसका लक्ष्य परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को और आधुनिक बनाना है। किम जोंग उन ने कहा कि इस टेस्ट से देश की रणनीतिक ताकत सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। हालांकि, यह टेस्ट कब और कहां हुआ, इसकी सटीक जानकारी नहीं दी गई है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया के दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए हो सकते हैं। दक्षिण कोरिया के एक शोधकर्ता ली चुन ग्यून ने कहा कि उत्तर कोरिया इसमें कुछ बातें छिपा रहा है। उन्होंने इंजन के जलने के कुल समय जैसी जरूरी जानकारी नहीं दी है। उत्तर कोरिया ने सितंबर के परीक्षण को सॉलिड-फ्यूल इंजन का नौवां और अंतिम ग्राउंड परीक्षण बताया था, और पहले कहा था कि इस इंजन का उपयोग इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) के लिए किया जाएगा। उस समय पर्यवेक्षकों ने अनुमान लगाया था कि उत्तर कोरिया जल्द ही उस इंजन से लैस एक ICBM का परीक्षण-प्रक्षेपण करेगा, लेकिन उसने अभी तक ऐसा नहीं किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया के इस कार्यक्रम में कुछ देरी हो रही है।

GNSU Admission Open 2026

यह भी संभव है कि वह रूस की तकनीकी मदद से बेहतर इंजन बना रहा हो। हाल के समय में रूस और उत्तर कोरिया के बीच संबंध गहरे हुए हैं। उत्तर कोरिया ने यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद के लिए अपने सैनिक और हथियार भी भेजे हैं। ठोस ईंधन वाले इंजन से उत्तर कोरिया छोटी मिसाइलें भी बना सकता है। इन्हें पनडुब्बियों या मोबाइल ट्रकों से लॉन्च करना आसान होगा। जो कि अमेरिका के रक्षा तंत्र के लिए खतरा बढ़ाएगा। उत्तर कोरिया ने पिछले कुछ वर्षों में कई मिसाइलों का परीक्षण किया है। ये मिसाइलें अमेरिका तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया को अभी भी कुछ तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें सबसे बड़ी चुनौती मिसाइल के वारहेड को वायुमंडल में दोबारा प्रवेश कराते समय सुरक्षित रखना है। साल 2019 में डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत विफल होने के बाद से किम जोंग उन अपना परमाणु भंडार बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने बातचीत के रास्ते खुले रखे हैं, लेकिन परमाणु निशस्त्रीकरण की शर्त मानने से इनकार कर दिया है।