
नयी दिल्ली: Amit Shah ने असम के सोनितपुर जिले की ढेकियाजुली विधानसभा में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की सुरक्षा, विकास और घुसपैठ जैसे अहम मुद्दों पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने जनता से अपील की कि वे केवल सरकार चुनने के लिए नहीं, बल्कि असम को घुसपैठियों से पूरी तरह मुक्त करने के उद्देश्य से मतदान करें।
शाह ने कहा कि पिछले दस वर्षों में नई घुसपैठ को काफी हद तक रोका गया है, लेकिन राज्य में अब भी कई अवैध लोग मौजूद हैं। उन्होंने संकल्प जताया कि यदि भाजपा को तीसरी बार सत्ता मिलती है, तो अगले पांच वर्षों में हर घुसपैठिए की पहचान कर उन्हें बाहर निकाल दिया जाएगा। उनके अनुसार, ये घुसपैठिए राज्य के संसाधनों और युवाओं के रोजगार पर अवैध कब्जा जमाए हुए हैं।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उसके शासनकाल में असम हिंसा और बम धमाकों से जूझता रहा, जबकि Narendra Modi के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने राज्य को आतंकवाद से मुक्त करने का काम किया है। शाह ने दावा किया कि लगभग 10,000 युवाओं ने हथियार छोड़कर मुख्यधारा में वापसी की है, जिससे असम में शांति और विकास का नया दौर शुरू हुआ है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, ‘एयर स्ट्राइक’ और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि अब देश आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करता है। उन्होंने कांग्रेस नेता Gaurav Gogoi से सवाल किया कि वे घुसपैठियों के साथ हैं या असम की जनता के साथ।
अपने भाषण में शाह ने असम के महान व्यक्तित्व Gopinath Bordoloi और Bhupen Hazarika को भी याद किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनके योगदान को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने ही इन महान हस्तियों को उचित सम्मान दिलाया है।






