मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को एक खुला पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्रम्प द्वारा भेजे गए कथित बधाई संदेश पर सवाल उठाए हैं। श्री राउत ने यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किया और सीधे ट्रम्प को संबोधित किया। पत्र में उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव राज्य स्तरीय चुनाव थे और भारत की संघीय लोकतांत्रिक व्यवस्था का आंतरिक मामला थे। शिवसेना नेता ने चुनाव संचालन से जुड़े आरोपों का भी जिक्र किया और दावा किया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान भय, धमकी और व्यवस्थागत दबाव के माहौल को लेकर चिंताएं जताई गई थीं।
श्री राउत ने आगे कहा कि व्यापक रूप से यह धारणा बनी हुई है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्षता से काम नहीं किया और ऐसा प्रतीत होता है कि उसका कामकाज भाजपा के पक्ष में रहा है, जिससे संस्थागत निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों की तैनाती पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि कई लोगों का मानना है कि इससे मतदाताओं में विश्वास के बजाय दबाव का माहौल बना है। श्री राउत के अनुसार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित वरिष्ठ नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सार्वजनिक रूप से चिंता जताई थी, जो उनके अनुसार जन असंतोष को दर्शाती है।
पत्र में श्री राउत ने लिखा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी आवश्यक है कि चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय हों। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या बधाई संदेश जारी करने से पहले इन चिंताओं पर विचार किया गया था। उन्होंने ट्रम्प से भारतीय लोकतंत्र से संबंधित घटनाक्रमों के बारे में अधिक जानकारीपूर्ण और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया। यह पत्र पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों पर चल रही राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच आया है, जिसमें भाजपा को भारी जीत मिली है। श्री राउत की टिप्पणियों ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और संचालन को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।







