SIR के विरोध में विपक्ष का मार्च, चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन
Opposition march against SIR; protest against the Election Commission.

नयी दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों का विरोध अब सड़क से संसद तक पहुंच गया है। 19 विपक्षी दलों के सांसदों ने राजधानी में ‘सेव डेमोक्रेसी मार्च’ निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को रद्द करने की मांग उठाई। विपक्षी सांसद नए संसद भवन से निर्वाचन आयोग की ओर मार्च करने के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

मार्च के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसद सड़क पर बैठ गए और सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी सांसदों ने चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखीं। विपक्षी दलों का कहना है कि SIR के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है और इस प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

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विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और चुनाव बैलेट पेपर से कराने की मांग शामिल है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया से लाखों मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। उन्होंने विपक्षी दलों के प्रदर्शन को लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया।

समाजवादी पार्टी ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रदर्शन में भाग लिया, जबकि पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहा है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची की शुद्धता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर अपनी चिंताएं दोहराईं।

पुलिस द्वारा मार्च को रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी सांसदों ने वहीं धरना दिया। इससे कुछ समय के लिए क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। विपक्षी दलों का कहना है कि SIR के जरिए मतदाता सूची में होने वाले बदलावों का व्यापक प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए प्रक्रिया पर उनकी आपत्तियों का समाधान किया जाना चाहिए।

SIR के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। विपक्ष जहां इसे मताधिकार और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय बता रहा है, वहीं अब चुनाव आयोग की ओर से उठाए गए सवालों पर प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर है।