नयी दिल्ली: Ministry of Electronics and Information Technology ने ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को लेकर बहुप्रतीक्षित नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे इस तेजी से बढ़ते उद्योग को एक स्पष्ट और संतुलित नियामक ढांचा मिल गया है। इन नए नियमों का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसे सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।
आईटी सचिव S. Krishnan के अनुसार, सरकार ने नियमों को सरल और न्यूनतम हस्तक्षेप वाला रखने की कोशिश की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिकांश ऑनलाइन गेम, खासकर जो रियल मनी से जुड़े नहीं हैं, उन्हें अनिवार्य पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यानी सामान्य सोशल गेम्स बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के संचालित हो सकेंगे।
हालांकि, ईस्पोर्ट्स को लेकर नियम सख्त हैं और इनके लिए अनिवार्य पंजीकरण जरूरी होगा। इसके अलावा, कुछ विशेष परिस्थितियों में ही किसी गेम की जांच या निगरानी की जाएगी। इनमें पहला, जब संबंधित प्राधिकरण स्वतः संज्ञान ले; दूसरा, जब मामला ईस्पोर्ट्स से जुड़ा हो; और तीसरा, जब केंद्र सरकार किसी विशेष श्रेणी के सोशल गेम्स को अधिसूचित करे।
नए नियमों में उपयोगकर्ता सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया गया है। इसमें खिलाड़ियों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के प्रावधान शामिल हैं। खास बात यह है कि भारत में रियल मनी गेमिंग पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, जबकि ईस्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग को बढ़ावा देने की नीति अपनाई गई है।
मंत्रालय ने इससे पहले अक्टूबर 2025 में इन नियमों पर जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे थे, जिनमें लगभग 2,500 प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए अंतिम नियम तैयार किए गए हैं।
इन नए प्रावधानों के लागू होने से भारत में ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री को एक स्पष्ट दिशा मिलेगी, जिससे निवेश, नवाचार और यूजर सुरक्षा तीनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।







