Main accused in Baruipur minor rape and murder case dies, escape attempt fails

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के बरुईपुर में नाबालिग के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रभास मंडल घटनास्थल से भागने की कोशिश करने के दौरान पुलिस की गोली से मारा गया। पुलिस के अनुसार, इस मामले में सबसे पहले गिरफ्तार किये गये मंडल को जांच के लिए बुधवार देर रात करीब 12.45 बजे घटनाक्रम को समझने के लिए सूर्यपुर में घटनास्थल पर ले जाया गया था। पुलिस ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के दौरान मंडल ने कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से एक हथियार छीन लिया और भागने का प्रयास किया। अधिकारियों ने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके बाद उसने कथित तौर पर पुलिस पर गोलीबारी कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। मंडल को तुरंत बरुईपुर उप-मंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में केंद्रीय बलों को अस्पताल में तैनात किया गया है।


पुलिस अधिकारियों ने कहा कि घटनाक्रम को दोहराना (सीन रिक्रिएशन) इसलिए जरूरी समझा गया क्योंकि आरोपी पूछताछ के दौरान कथित तौर पर गुमराह करने वाले और असंगत बयान दे रहा था और जांचकर्ताओं का सहयोग नहीं कर रहा था। नाबालिग बालिका का शव रविवार सुबह सूर्यपुर इलाके के एक तालाब से बरामद किया गया था।
पुलिस को आशंका है कि हत्या से पहले उसका यौन उत्पीड़न किया गया था। इस घटना से पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया और निवासियों ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों की तत्काल गिरफ्तारी और दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की। मंडल इस मामले में गिरफ्तार होने वाला पहला आरोपी था, जिसे स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया था। जांचकर्ताओं ने बाद में इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें पीड़ित बालिका शनिवार शाम को लापता होने से ठीक पहले कथित तौर पर मंडल के साथ दिखाई दे रही थी। यह फुटेज उसकी गिरफ्तारी का एक मुख्य सबूत बना।

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इस बीच, पुलिस ने मामले में एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया है, जिससे कुल गिरफ्तारियों की संख्या चार हो गयी है। कबीर मोल्ला के रूप में पहचाने गये इस नये आरोपी को विशेष कार्य बल, बरुईपुर उप-मंडल अभियान समूह और जिला पुलिस के एक संयुक्त अभियान के दौरान उत्तर 24 परगना के बसीरहाट इलाके से पकड़ा गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोल्ला घटना के बाद से ही फरार चल रहा था। सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त टीम ने उसका पता लगाया और मंगलवार देर रात उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे पूछताछ के लिए बरुईपुर लाया गया है और जांचकर्ता अपराध में उसकी कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं। मोल्ला की गिरफ्तारी से पहले तीन लोगों प्रभास मंडल, आनंद सरदार और दिवाकर सरदार को इस मामले के संबंध में पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था।


यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मंगलवार को जांच की समीक्षा के लिए बरुईपुर का दौरा करने के कुछ घंटों बाद हुआ। उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की और दोहराया कि प्रशासन ने इस अपराध के प्रति ”शून्य सहनशीलता” का रुख अपनाया है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पुलिस ने हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं की भी समानांतर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो फुटेज से करीब 200 लोगों की पहचान की गयी है और चेतावनी दी कि पुलिसकर्मियों पर हमलों या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनों के दौरान पुलिसकर्मियों पर कथित तौर पर हमला करने और वाहनों में तोड़फोड़ करने के आरोप में अब तक कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों ने कहा कि शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं और जिम्मेदार पाये जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।