सासाराम में चुनाव आयोग के खिलाफ आप कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
AAP workers protest against the Election Commission in Sasaram.

सासाराम। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों का विरोध लगातार तेज हो रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन के बाद बिहार में भी विपक्षी दलों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया।

आप कार्यकर्ता हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर सड़क पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी जताई तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

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प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों वाले पुतले का दहन भी किया। इसके बाद आप नेताओं ने अपने संबोधन में चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाया।

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। आप नेताओं ने उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने और गिरफ्तारी की मांग भी उठाई। ये आरोप और मांगें प्रदर्शनकारियों के राजनीतिक दावे हैं।

आप कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी विपक्ष की ओर से आपत्तियां जताई जा रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सभी मामलों में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि मतदाताओं का भरोसा बना रहे।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए आगे भी विरोध प्रदर्शन जारी रखने की बात कही।

सासाराम में हुए इस प्रदर्शन के दौरान आप कार्यकर्ताओं की मौजूदगी के कारण राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। विपक्षी दलों की ओर से लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच बिहार में भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है।