मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में लंबे समय से बंद कैलारस सहकारी शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में बड़ा बदलाव आया है। कांग्रेस ने शनिवार को प्रस्तावित मुरैना जिला बंद का आह्वान देर रात वापस ले लिया। इसके बाद जिले के सभी बाजार सामान्य रूप से खुले और रोजमर्रा की गतिविधियां पहले की तरह जारी रहीं।
कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर जौरा विधायक पंकज उपाध्याय 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे थे। उनके समर्थन में कांग्रेस ने पूरे जिले में बंद का आह्वान किया था। हालांकि, सरकार की ओर से मिल के पुनरुद्धार की प्रक्रिया शुरू किए जाने के बाद बंद वापस ले लिया गया।
मध्य प्रदेश सरकार ने बंद पड़ी कैलारस शक्कर मिल को निजी सहभागिता के जरिए दोबारा संचालित करने की दिशा में प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए मिल और करीब 12.86 हेक्टेयर जमीन को 30 वर्षों के लिए पट्टे पर देने की योजना के तहत अभिरुचि की अभिव्यक्ति (EoI) आमंत्रित की गई है।
एमएसएमई और उद्योग विभाग ने मिल के पुनरुद्धार, आधुनिकीकरण और संचालन के लिए संभावित संचालकों से प्रस्ताव मांगे हैं। संभावित ऑपरेटरों के लिए मिल परिसर का निरीक्षण 31 अगस्त से 1 सितंबर के बीच प्रस्तावित है, जबकि प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 15 सितंबर निर्धारित की गई है।
सरकार की पहल के बाद विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन भी समाप्त करा दिया गया। पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह और विधायक की माता ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
कैलारस शक्कर कारखाना करीब 13 वर्षों से बंद है। इसके चलते किसानों और कर्मचारियों के बकाये का मुद्दा भी लंबे समय से बना हुआ है। कारखाने पर 35 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां बताई जा रही हैं, जिसमें कर्मचारियों का वेतन, करीब 20 करोड़ रुपये का भविष्य निधि और किसानों के गन्ने के भुगतान समेत अन्य राशि शामिल है।
अब सरकार की पुनरुद्धार प्रक्रिया से किसानों और कर्मचारियों को राहत की उम्मीद है।







