बेंगलुरु: भारतीय घरेलू क्रिकेट का प्रतिष्ठित दलीप ट्रॉफी टूर्नामेंट एक बार फिर युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के लिए राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का बड़ा मंच बनने जा रहा है। आगामी सत्र में खासतौर पर टेस्ट क्रिकेट की बेंच स्ट्रेंथ मजबूत करने के लिहाज से मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
छह टीमों के जोनल फॉर्मेट में खेले जाने वाले टूर्नामेंट की शुरुआत क्वार्टरफाइनल मुकाबलों से होगी। ईस्ट जोन का सामना नॉर्थ ईस्ट जोन से, जबकि वेस्ट जोन की भिड़ंत नॉर्थ जोन से होगी। पिछले संस्करण के फाइनलिस्ट सेंट्रल जोन और साउथ जोन को सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला है।
टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के दो मैदानों पर खेले जाएंगे। वहीं, दर्शकों की संख्या को देखते हुए फाइनल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में आयोजित करने का फैसला किया गया है।
कप्तानी की जिम्मेदारी भी कई चर्चित खिलाड़ियों के हाथों में होगी। रजत पाटीदार सेंट्रल जोन, तिलक वर्मा साउथ जोन, ऋतुराज गायकवाड़ वेस्ट जोन और ईशान किशन ईस्ट जोन की कमान संभालेंगे। नॉर्थ ईस्ट जोन की कप्तानी रोंगसेन जोनाथन और नॉर्थ जोन की कप्तानी कन्हैया वधावन करेंगे।
इस बार सबसे ज्यादा नजर युवा वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी। टी20 क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके सूर्यवंशी को ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है। अब उनके सामने रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी क्षमता साबित करने की चुनौती होगी।
न्यूजीलैंड दौरे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज से पहले रिजर्व ओपनर और तेज गेंदबाजी के विकल्प तलाशना चयनकर्ताओं की प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है। अभिमन्यु ईश्वरन, आयुष पांडे, अमन मोखाड़े और आर. स्मरण जैसे बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर नजर रहेगी।
तेज गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे। वहीं मोहम्मद शमी और करुण नायर जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शानदार प्रदर्शन कर टेस्ट टीम में वापसी का रास्ता तलाशेंगे। ऐसे में दलीप ट्रॉफी सिर्फ घरेलू खिताब की लड़ाई नहीं, बल्कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट के भविष्य की तस्वीर तैयार करने वाला अहम मंच भी साबित हो सकती है।







