बेंगलुरु: कर्नाटक राज्य मुस्लिम फेडरेशन का आरोप है कि 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के घोषणापत्र में मुस्लिम समुदाय से किए गए कई वादे अब तक अधूरे हैं। इसे देखते हुए इस फेडरेशन ने ‘भरवसे ईडेरिसी’ (अपना वादा निभाओ) नाम से एक राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है। फेडरेशन के अनुसार, 20 जुलाई से शुरू हुआ यह अभियान पांच अगस्त तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य जनमत जुटाना और सरकार पर उन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए दबाव बनाना है, जो उसने सत्ता में आने से पहले अल्पसंख्यकों से की थीं।
संवाददाताओं को संबोधित करते हुए फेडरेशन के संयोजक सुहैल अहमद मारूर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को इस उम्मीद के साथ एकतरफा समर्थन दिया था कि पार्टी अपने घोषणापत्र के वादों को लागू करेगी। हालांकि, सरकार के तीन साल पूरे होने के बावजूद कई अहम प्रतिबद्धताएं अभी भी लंबित हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मुस्लिमों के लिए श्रेणी 2बी आरक्षण बहाल करने, धर्म परिवर्तन विरोधी और गोहत्या विरोधी कानूनों को रद्द करने, नफरती भाषणों एवं अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने, वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने, जाति जनगणना की सिफारिशों को लागू करने, मुस्लिमों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को बढ़ाने, अल्पसंख्यक छात्रों के लिए शैक्षणिक अवसरों में सुधार करने और घोषणापत्र में किए गए वादे के अनुसार अल्पसंख्यक कल्याण के लिए सालाना 10,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने में विफल रही है।







