हाजीपुर: लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव बी. कार्तिकेय ने बिदुपुर बहुग्रामीय जलापूर्ति योजना का औचक निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यों में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित सहायक अभियंता और कनीय अभियंता का वेतन बंद करने का आदेश दिया।
सचिव ने हाजीपुर प्रमंडल के अंतर्गत संचालित योजना के जल शोधन संयंत्र सहित जलापूर्ति से जुड़ी विभिन्न संरचनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से संयंत्र के संचालन, रख-रखाव और जलापूर्ति व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली।
इस योजना के तहत गंगा नदी के पानी को शोधित कर बिदुपुर और आसपास के इलाकों में स्वच्छ एवं आर्सेनिक मुक्त पेयजल पहुंचाया जा रहा है। जल शोधन संयंत्र की क्षमता 16.63 एमएलडी है। योजना के माध्यम से करीब 159 वार्डों के 28 हजार से अधिक परिवारों को गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं में अपेक्षित स्तर की गंभीरता नहीं मिलने पर सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जलापूर्ति योजना के संचालन और रख-रखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने योजना से जुड़ी सभी संरचनाओं की नियमित निगरानी, समय पर रख-रखाव और तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया। साथ ही अधिकारियों को जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और आम लोगों की शिकायतों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
सचिव बी. कार्तिकेय ने कहा कि लोगों को नियमित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को जिम्मेदारी के साथ काम करने तथा योजना के सुचारू संचालन पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।
सरकार की इस सख्ती से जलापूर्ति योजनाओं के संचालन में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के बीच जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।







