भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार रात रीवा पहुंचने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रीवा और सतना जिलों में भारी बारिश, जलभराव और बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने दोनों जिलों के कलेक्टरों को बाढ़ प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाने और जनहानि रोकने के लिए हरसंभव कदम उठाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को भोजन, कपड़े और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। साथ ही बारिश और बाढ़ के दौरान लोगों के साथ-साथ पशुओं की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
डॉ. यादव ने सतना कलेक्टर को विशेष रूप से चित्रकूट में रुके श्रद्धालुओं और स्थानीय रहवासियों की जरूरतों का ध्यान रखने को कहा। उन्होंने बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे कराकर पात्र प्रभावितों को आरबीसी 6/4 के प्रावधानों के तहत राहत राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश के कारण किसी भी व्यक्ति या पशु की जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कम प्रभावित जिलों में उपलब्ध बचाव उपकरणों को जरूरत वाले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजने तथा एनडीआरएफ और अन्य बचाव दलों को पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए।
सतना कलेक्टर ने बताया कि छह गांवों में रेस्क्यू अभियान चलाकर सात लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नयागांव डैम को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है, जिसका आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार यदि रात में बारिश नहीं होती है तो स्थिति में सुधार की संभावना है।
चित्रकूट में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जरूरतमंदों तक भोजन के पैकेट पहुंचाने के निर्देश दिए। सद्गुरु आश्रम में ठहरे श्रद्धालुओं के मोबाइल नंबर लेकर उनके परिजनों से संपर्क कराने और उनकी स्थिति की जानकारी देने को भी कहा गया। अधिकारियों ने बताया कि जैतवारा गांव में बड़ी संख्या में लोग रुके हुए हैं और उनके लिए भोजन, पानी तथा कपड़ों की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने रीवा-सतना और सतना-चित्रकूट मार्गों की स्थिति की भी जानकारी ली। रीवा कलेक्टर ने बताया कि जिले में फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। बाढ़ प्रभावितों के राहत प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं और पशुहानि के मामलों में नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी।







