पौड़ी: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का जोर पात्र मतदाताओं को बिना अनावश्यक परेशानी के प्रक्रिया पूरी कराने और प्रत्येक प्रपत्र का सही तरीके से निस्तारण करने पर है।
एसआईआर के तहत पहले चरण में टेबल टॉक के माध्यम से वर्ष 2003 से 2025 तक के मतदाता विवरण का मिलान किया गया। दूसरे चरण में बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क किया और गणना प्रपत्र भरवाए। तीसरे चरण में नाम या अन्य विवरण में विसंगति पाए जाने वाले मामलों के निराकरण के लिए संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए।
बीएलओ के अनुसार, पुनरीक्षण का काम अंतिम चरण में है और अधिकांश क्षेत्रों में प्रक्रिया शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है। जिन मतदाताओं के दस्तावेज अधूरे हैं, उनसे आवश्यक कागजात पूरे करवाए जा रहे हैं, ताकि सत्यापन और निस्तारण के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया एसआईआर कार्य की नियमित समीक्षा कर रही हैं। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ प्रत्येक सप्ताह बैठक कर प्रगति की जानकारी ली जा रही है। प्रथम चरण में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाने वाले मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने का दूसरा अवसर भी दिया जा रहा है।
सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में एसआईआर से जुड़े कार्यों को पूरा कर रहे हैं। नो-मैपिंग वाले मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एसआईआर प्रपत्रों का निस्तारण निर्धारित प्रारूप, आवश्यक सत्यापन और गुणवत्ता के साथ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आंकड़े बढ़ाने के बजाय प्रत्येक प्रपत्र की शुद्धता और प्रक्रिया के सही अनुपालन को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने कहा कि पात्र मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाते हुए पूरी प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जाए। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में एसआईआर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।







