भिण्ड: मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में पेट दर्द का इलाज कराने गए 22 वर्षीय युवक की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। मामला लहार अनुभाग के रौन थाना क्षेत्र का है। परिजनों ने क्लीनिक संचालक पर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित क्लीनिक को सील कर दिया है।
मेहदा गांव निवासी विश्वास सिंह राजावत प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परिजनों के अनुसार वह 16 अगस्त को रेलवे परीक्षा के लिए जयपुर गया था और 18 अगस्त को वापस गांव लौटा। 21 अगस्त को पेट में हल्का दर्द होने पर वह रौन स्थित विधि क्लीनिक पहुंचा। वहां उसे दवा दी गई। आराम नहीं मिलने पर वह दोबारा क्लीनिक गया, जहां उसे ड्रिप और इंजेक्शन लगाए गए।
परिजनों का आरोप है कि इसके बाद विश्वास को दस्त होने लगे और उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई। परिजनों ने क्लीनिक संचालक को इसकी जानकारी दी, लेकिन उन्हें युवक को घर ले जाने की सलाह दी गई। घर पहुंचने के बाद उसके शरीर पर लाल निशान दिखाई देने लगे। हालत गंभीर होने पर परिजन उसे फिर क्लीनिक लेकर पहुंचे।
स्थिति बिगड़ने पर क्लीनिक संचालक ने उसे भिण्ड ले जाने की सलाह दी। परिजन उसे उपचार के लिए भिण्ड ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव रौन लाया गया, जहां पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराया।
शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस की सूचना पर क्लीनिक को सील कर दिया। पुलिस ने संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद संचालक के फरार होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने अभी युवक की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं किया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि जांच और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करने के आरोपों की भी जांच की जा रही है।







