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CBSE ने मानी गलती: वेदांत की गलत कॉपी अपलोड होने पर बोर्ड ने परिवार से किया संपर्क

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CBSE admits mistake: Board contacted Vedant's family after wrong copy was uploaded

नयी दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 12 की आंसर सीट के मूल्यांकन में गड़बड़ी स्वीकार की है। सोशल मीडिया पर एक छात्र की वायरल पोस्ट के बाद बोर्ड ने माना कि आंसर सीट के मूल्यांकन और अपलोडिंग में गलती हुई है, जिसके बाद संबंधित छात्रों के अंक संशोधित किए जाएंगे। पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब छात्र वेदांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि सीबीएसई की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली के तहत जो फिजिक्स की आंसर सीट उसे दिखाई गई, वह उसकी नहीं थी। छात्र ने आरोप लगाया कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के दौरान किसी अन्य छात्र की कॉपी उसके नाम से अपलोड कर दी गई। इस खुलासे ने बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। 23 मई को वेदांत ने एक्स पर कई पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी मिलने के बाद वह पूरी तरह टूट गया, क्योंकि फिजिक्स की कॉपी में लिखावट और उत्तर उसके नहीं थे। छात्र ने आशंका जताई कि ऐसी गलती से उसके अंक और कॉलेज एडमिशन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

वेदांत ने दावा किया था कि उसके परिवार और शिक्षकों ने भी फिजिक्स की कॉपी देखने के बाद तुरंत अंतर पहचान लिया। उसके मुताबिक, उसकी इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस की उत्तर पुस्तिकाएं आपस में मेल खाती हैं, लेकिन फिजिक्स की कॉपी बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। उसने सोशल मीडिया पर लिखा कि फिजिक्स की जो आंसर शीट भेजी गई है, वह उसकी नहीं है। उसने कहा कि लिखावट, अक्षरों की बनावट, शब्दों के बीच दूरी, वाक्य लिखने का तरीका और उत्तरों की शैली पूरी तरह अलग है। वेदांत ने इस पूरे मामले को सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली से जोड़ते हुए कहा था कि अगर उत्तर पुस्तिकाएं ही गलत तरीके से टैग हो रही हैं, तो छात्र इस प्रक्रिया पर भरोसा कैसे करें। उसने बोर्ड से मूल फिजिकल आंसर शीट की जांच कराने, स्कैनिंग और टैगिंग प्रक्रिया का ऑडिट करने व मामले की जांच कराने की मांग की थी।

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इस मामले का एक संवेदनशील पहलू यह भी रहा कि अपनी समस्या सामने रखने के बाद वेदांत और उसके परिवार को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। कुछ यूजर्स ने छात्र के दावों को झूठा बताया, जबकि कई अकाउंट्स ने बिना किसी आधार के उसे पाकिस्तानी कहकर निशाना बनाया। सोशल मीडिया पर मामला तेजी से वायरल होने के बाद CBSE ने जांच शुरू की। बोर्ड ने माना कि फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका में गड़बड़ी हुई थी। इसके साथ ही केमिस्ट्री विषय से जुड़ी एक अन्य शिकायत को भी सही पाया गया, जिससे बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन और सत्यापन प्रणाली पर सवाल और गहरे हो गए हैं। CBSE के संयुक्त सचिव (कोऑर्डिनेशन) ने वेदांत को ईमेल भेजकर उसकी सही फिजिक्स उत्तर पुस्तिका साझा की। बोर्ड ने अपने संदेश में लिखा, “कृपया फिजिक्स की आपकी सही उत्तर पुस्तिका संलग्न है। नए अंकों के आधार पर आपका परिणाम जल्द अपडेट किया जाएगा। इस ईमेल ने छात्र द्वारा उठाए गए सवालों को सही साबित कर दिया। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि फिजिक्स के अंकों में संशोधन किया जाएगा और अपडेटेड रिजल्ट जल्द जारी होगा।