अकोढ़ीगोला (रोहतास): कानून और नागरिक अधिकारों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के नारायण स्कूल ऑफ लॉ के छात्रों ने अकोढ़ीगोला प्रखंड की अखौड़ी पंचायत में कानूनी जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान छात्रों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी दी।
अभियान के दौरान छात्र गांव के लोगों के बीच पहुंचे और महिलाओं, पुरुषों सहित आम ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। ग्रामीणों को महिला एवं बाल अधिकार, घरेलू हिंसा से जुड़े कानूनी प्रावधान, नि:शुल्क विधिक सहायता, नागरिक अधिकार और न्याय पाने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
छात्रों ने ग्रामीणों से सवाल-जवाब के जरिए यह भी जानने का प्रयास किया कि उन्हें अपने कानूनी अधिकारों और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की कितनी जानकारी है। बातचीत के दौरान सामने आया कि जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
छात्रों ने ग्रामीणों को बताया कि किसी भी कानूनी परेशानी की स्थिति में चुप रहने के बजाय उचित कानूनी सलाह और सहायता लेना जरूरी है। खासकर महिलाओं, बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।
जरूरतमंदों को मिलेगी विधिक सहायता
कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर और लीगल लिटरेसी क्लब के प्रमुख डॉ. सैयद कलीम अख्तर ने कहा कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी देकर उन्हें कानूनी रूप से सशक्त बनाना है। गांवों में जाकर लोगों से सीधा संवाद करने से उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने बताया कि नारायण स्कूल ऑफ लॉ में कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए विधिक सहायता की व्यवस्था भी उपलब्ध है। जरूरतमंद लोग अपनी समस्या लेकर संस्थान पहुंचकर उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं।
अभियान के जरिए छात्रों ने ग्रामीणों को संदेश दिया कि कानून और न्याय की जानकारी हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। ऐसे कार्यक्रमों से जहां ग्रामीणों को अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी मिलती है, वहीं कानून के छात्रों को भी जमीनी स्तर पर लोगों की समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है।








