Five-day FDP concludes at GNSU; experts offer suggestions on topics ranging from AI to research funding

सासाराम: गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय (GNSU) के नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी की ओर से आयोजित पांच दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का सफलतापूर्वक समापन हुआ। 7 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित कार्यक्रम का विषय “राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत फार्मास्यूटिकल शिक्षा का रूपांतरण : नवाचार, शोध, कौशल विकास एवं उभरती प्रौद्योगिकियां” रहा।

कार्यक्रम के दौरान फार्मास्यूटिकल शिक्षा, शोध और औषधि विकास से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर देश के विभिन्न संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने शिक्षकों और शोधार्थियों को मार्गदर्शन दिया।

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पहले दिन प्रो. डॉ. आनंद गौरव (यूपीईएस, देहरादून) ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग और औषधि खोज में इनके उपयोग पर चर्चा की। दूसरे दिन प्रो. डॉ. एस.एम. हबीबुर रहमान (पीएसजी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, कोयंबटूर) ने उन्नत शोध पद्धति, शोध अभिकल्प, प्रयोगात्मक योजना, डेटा विश्लेषण और शोध नैतिकता पर जानकारी दी।

तीसरे दिन प्रो. डॉ. अरुण के. मिश्रा (आईएफटीएम विश्वविद्यालय, मुरादाबाद) ने आधुनिक औषधि खोज, कंप्यूटेशनल ड्रग डिजाइन और नैनोप्रौद्योगिकी आधारित औषधि वितरण पर व्याख्यान दिया। चौथे दिन प्रो. डॉ. संजय तिवारी (एनआईपीईआर-रायबरेली) ने वैज्ञानिक लेखन, उच्च प्रभाव वाली शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन, साहित्यिक चोरी, शोध सत्यनिष्ठा और पेटेंट से जुड़े विषयों पर मार्गदर्शन दिया।

कार्यक्रम के अंतिम दिन प्रो. डॉ. कंचन कोहली ने शोध वित्त पोषण और करियर विकास के साथ शोध प्रस्ताव लेखन, विभिन्न वित्त पोषण अवसरों तथा उद्योग-शैक्षणिक सहयोग पर जानकारी साझा की।

शोध और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर

कार्यक्रम के सफल आयोजन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. जगदीश सिंह, कुलाधिपति के सलाहकार प्रो. डॉ. एम.के. सिंह और अकादमिक निदेशक सुदीप कुमार सिंह ने आयोजकों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को शिक्षकों और शोधार्थियों के ज्ञान, कौशल तथा शोध क्षमता के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम का आयोजन कन्वेनर एवं डीन प्रो. डॉ. धर्मेंद्र कुमार तथा को-कन्वेनर प्रो. डॉ. ललितेश्वर प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। आयोजन सचिव डॉ. मनीष सिंह और शंकुल कुमार तथा समन्वयक डॉ. अरविंद कुमार पटेल और आयुष कात्यायन सहित आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद और प्रश्नोत्तर सत्रों में सक्रिय भागीदारी की। आयोजकों ने कहा कि पांच दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान और अनुभव शिक्षण, शोध तथा नवाचार को नई दिशा देने में उपयोगी साबित होगा।