मॉस्को: अमेरिका ने सऊदी अरब को यूरेनियम संवर्धन की प्रारंभिक मंजूरी दे दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मौजूदा मसौदा समझौते में परमाणु हथियारों के विकास को रोकने संबंधी कोई प्रतिबंधात्मक प्रावधान शामिल नहीं है।
सीएनएन ने दस्तावेजों और मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया कि सऊदी अरब के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के लिए अमेरिकी सहयोग से संबंधित मसौदा समझौता अभी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर का इंतजार कर रहा है, जबकि इस पर बातचीत अक्टूबर 2025 में पूरी हो गयी थी।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और सऊदी अरब के बीच प्रस्तावित ‘123 समझौता’ ऐसा रूपरेखा समझौता है, जिसके तहत अमेरिकी कंपनियां या अमेरिकी सरकार सऊदी अरब को परमाणु सामग्री और प्रौद्योगिकी उपलब्ध करा सकेंगी। इसे अभी तक अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी के लिए पेश नहीं किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इस समझौते को मंजूरी मिलने में देरी हुई है। वहीं कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का मानना है कि अमेरिकी सांसदों द्वारा समझौते का विरोध किए जाने की आशंका भी देरी का एक कारण हो सकती है।







