मुंबई: फिल्म ‘हनुमान अंश’ की शूटिंग के दौरान सेट का माहौल सामान्य फिल्म सेट से काफी अलग रखा गया था। लेखक-निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक, फिल्म की आध्यात्मिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए शूटिंग के दौरान अनुशासन और सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए कई सख्त नियम लागू किए गए थे।
सेट पर इन चीजों पर थी पूरी पाबंदी
विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि शूटिंग सेट पर गाली-गलौज, ऊंची आवाज में बहस और लड़ाई-झगड़े की अनुमति नहीं थी। इसके अलावा नॉन-वेज भोजन और शराब पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई थी। टीम से शांत और अनुशासित माहौल बनाए रखने की अपेक्षा की जाती थी।
नीम करोली बाबा की कहानी से प्रेरित इस फिल्म की शूटिंग का आगाज हर दिन हनुमान चालीसा के पाठ से होता था। निर्देशक के अनुसार, जब परिस्थितियां अनुकूल होती थीं तो दिन का समापन भी हनुमान चालीसा के साथ किया जाता था।
कैमरा लेट होने पर भी नहीं टूटा आध्यात्मिक माहौल
निर्देशक ने बताया कि कई बार सुबह सात बजे की शिफ्ट होने के बावजूद अलग-अलग कारणों से कैमरा समय पर रोल नहीं हो पाता था। ऐसे मौकों पर पूरी टीम मिलकर हनुमान चालीसा का पाठ करती थी।
विशाल चतुर्वेदी का मानना है कि इस प्रार्थना ने शूटिंग के दौरान आने वाली परेशानियों से निपटने में टीम का मनोबल बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिल्म के प्रचार में भी दिखा सेवा का संदेश
उन्होंने कहा कि सेट पर अपनाई गई यह परंपरा नीम करोली बाबा की शिक्षाओं से प्रेरित थी। महाराज जी भक्ति, सेवा, जरूरतमंदों को भोजन कराने और राम नाम के प्रचार पर विशेष जोर देते थे। इसी विचार को फिल्म के प्रचार अभियान का हिस्सा भी बनाया गया।
फिल्म की टीम ने प्रचार के दौरान आठ बड़े मंगल भंडारों का आयोजन किया, जहां लोगों को भोजन कराया गया। निर्देशक के अनुसार, इसका मकसद सिर्फ फिल्म का प्रचार करना नहीं था, बल्कि महाराज जी के सेवा संदेश को व्यवहार में उतारना भी था।
कम बजट में बनी फिल्म बनी चर्चा का विषय
कम बजट और शुरुआती दौर में धीमी प्रतिक्रिया के बावजूद ‘हनुमान अंश’ को वर्ष 2026 की चर्चित स्लीपर हिट फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म के सेट पर अपनाए गए आध्यात्मिक अनुशासन और प्रचार के दौरान सेवा गतिविधियों ने भी इसे अलग पहचान दिलाई है।







