बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में जन्माष्टमी की शोभायात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। शीशगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात झांकी निकालकर लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गई। हादसे में ट्रैक्टर चालक और 10 वर्षीय बालक की मौत हो गई, जबकि साउंड सिस्टम संचालक गंभीर रूप से झुलस गया।
हाईटेंशन लाइन से टकराया लोहे का पाइप
पुलिस के अनुसार गांव में जन्माष्टमी की शोभायात्रा निकाली जा रही थी। ट्रैक्टर-ट्रॉली पर साउंड सिस्टम लगाया गया था। इसी दौरान ट्रॉली में लगा लोहे का पाइप रास्ते में झूल रही हाईटेंशन लाइन से संपर्क में आ गया। इसके बाद पूरी ट्रॉली में करंट फैल गया और तेज धमाके के साथ अफरा-तफरी मच गई।
करंट लगते ही ट्रॉली पर सवार लोग नीचे कूदने लगे। इस दौरान ट्रैक्टर चालक वीरेंद्र (28), साउंड सिस्टम संचालक बंटी और 10 वर्षीय दीप करंट की चपेट में आ गए।
इलाज के दौरान चालक ने तोड़ा दम
हादसे में बालक दीप की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे चालक वीरेंद्र को इलाज के लिए बरेली ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी भी मौत हो गई। वहीं साउंड सिस्टम संचालक बंटी की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बिजली विभाग पर ग्रामीणों ने लगाए आरोप
हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी है। पूर्व प्रधान त्रिमोहन सिंह का आरोप है कि शोभायात्रा की जानकारी होने के बावजूद हाईटेंशन लाइन को पर्याप्त ऊंचाई पर नहीं किया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली का तार काफी नीचे झूल रहा था, जिसके चलते लोहे का पाइप उसके संपर्क में आया और यह दर्दनाक हादसा हुआ।
प्रशासन ने सहायता का भरोसा दिया
उप जिलाधिकारी रामगोपाल शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद राजस्व टीम से रिपोर्ट मांगी गई है। उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
पुलिस और संबंधित विभाग हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।







