हिमाचल को 20 साल तक मिलेगी अतिरिक्त बिजली, सीएम ने बताया ऐतिहासिक जीत
Himachal to receive additional electricity for 20 years; CM terms it a historic win

शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) से जुड़े बकाया मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को राज्य के लिए ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के तहत हिमाचल प्रदेश को अगले 20 वर्षों तक प्रतिवर्ष 60 करोड़ यूनिट अतिरिक्त बिजली मिलेगी। इससे राज्य को इस अवधि में 10 हजार करोड़ से 20 हजार करोड़ रुपये तक का राजस्व मिलने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के करीब 75 लाख निवासियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि यह राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त बिजली के आवंटन से सरकार को सालाना करीब 1,000 करोड़ रुपये तक की आय हो सकती है। यदि बिजली की बिक्री 13 से 14 रुपये प्रति यूनिट की दर से होती है, तो राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वहीं, छह रुपये प्रति यूनिट की न्यूनतम दर पर भी राज्य को लगभग 500 करोड़ रुपये सालाना मिलने का अनुमान है।

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सुक्खू ने कहा कि अतिरिक्त राजस्व से प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और विकास योजनाओं को गति मिलेगी। इस धनराशि का इस्तेमाल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सड़कों तथा बुनियादी ढांचे के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने में किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ समय पर उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इस फैसले को राज्य के हितों की रक्षा के लिए उनकी सरकार की चौथी बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि इससे पहले सरकार वाइल्डफ्लावर हॉल, जेएसडब्ल्यू और किशाउ बांध से जुड़े मामलों में भी सफलता हासिल कर चुकी है। उनके अनुसार, यह फैसला दर्शाता है कि लगातार प्रयासों से जटिल कानूनी विवादों में भी राज्य के अधिकार हासिल किए जा सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार शानन पावर प्रोजेक्ट और वाटर सेस सहित अन्य लंबित मुद्दों पर भी अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। सुक्खू ने विश्वास जताया कि संसाधनों का उचित मूल्य और राजस्व हासिल करने के प्रयासों से हिमाचल प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा और वर्ष 2032 तक देश के सबसे समृद्ध एवं खुशहाल राज्यों में शामिल होगा।