ब्रासीलिया: ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे और सांसद फ्लावियो बोल्सोनारो के देश छोड़कर भागने का मामला सामने आया है। सीएनएन ब्राजील की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फ्लावियो अपनी पत्नी फर्नांडा और दो बेटियों के साथ इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के एक पूर्व एजेंट की मदद से अर्जेंटीना पहुंचे। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में किसी विदेशी सरकार की सीधी भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लावियो बोल्सोनारो और उनका परिवार सड़क मार्ग से ब्राजील से अर्जेंटीना पहुंचे। उन्होंने टैंक्रेडो नेवेस अंतरराष्ट्रीय पुल के जरिए सीमा पार की। यह पुल दक्षिणी ब्राजील के फोज डो इगुआकू को अर्जेंटीना के पुएर्तो इगुआजु से जोड़ता है।
सीएनएन ब्राजील के अनुसार, सुरक्षा कैमरों में दो वैन और उनके चालकों की तस्वीरें सामने आई हैं। इनमें से एक चालक फोज डो इगुआकू का पूर्व पार्षद बताया गया है, जबकि दूसरा उसका बेटा था। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मोसाद के लिए काम कर चुका एक पूर्व इजरायली खुफिया अधिकारी भी ब्रासीलिया से अर्जेंटीना तक फ्लावियो के साथ यात्रा कर रहा था। बताया गया है कि यह एजेंट ब्राजील पहुंचने के बाद उसी वैन में सवार हुआ था, जिसमें फ्लावियो मौजूद थे। हालांकि, इस अभियान की योजना बनाने में उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं है।
अर्जेंटीना पहुंचने के बाद फ्लावियो और उनका परिवार एक गल्फस्ट्रीम जी400 निजी विमान से रवाना हुआ। यह विमान इक्वाडोर के गुआयाकिल में ईंधन भरने के लिए रुका और बाद में अमेरिका के मियामी स्थित ओपा-लोका एयरपोर्ट पहुंचा।
रिपोर्ट में इस पूरे अभियान का आंतरिक नाम ‘ऑपरेशन अल्बा’ बताया गया है। ब्राजील के जांचकर्ता इस बात की पड़ताल कर रहे हैं कि क्या अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन से जुड़े लोगों ने इस अभियान में कोई सहायता दी थी।
इस मामले ने इसलिए भी गंभीर रूप ले लिया है क्योंकि ब्राजील पुलिस के अनुसार, फ्लावियो के देश छोड़ने के दौरान इमिग्रेशन चेकपॉइंट पर उनकी आवाजाही का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एलेक्जेंड्रे डी मोरेस ने उन्हें निजी और राजनयिक पासपोर्ट जमा करने तथा देश छोड़ने पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
फिलहाल संघीय पुलिस उनके देश छोड़ने की परिस्थितियों की जांच कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस सुप्रीम कोर्ट से उनकी संपत्ति फ्रीज करने की मांग भी कर सकती है।







