फ्रांस में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन, करीब 1,000 लोग गिरफ्तार
Protests against inflation in France; around 1,000 people arrested

पेरिस: फ्रांस में बढ़ती महंगाई के खिलाफ शनिवार को देशभर में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन प्रदर्शनों में चार लाख से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने गिरफ्तारियों की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी यह शुरुआती आंकड़ा है और जांच के बाद इसमें बढ़ोतरी हो सकती है।

गृह मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रदर्शन के दौरान अब तक लगभग 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि 17 अक्टूबर को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान इसी समय तक 385 लोगों को हिरासत में लिया गया था। इस बार गिरफ्तारियों की संख्या अधिक होने से सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।

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कई शहरों में पुलिस की कार्रवाई

रूसी समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस में कुछ स्थानों पर शांतिपूर्ण मार्च के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। राजधानी पेरिस के अलावा देश के अन्य शहरों में भी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख चिंता बढ़ती कीमतें और जीवनयापन का खर्च है। महंगाई के कारण आम लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहे दबाव को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। प्रदर्शन में विभिन्न वर्गों के लोगों की भागीदारी ने इस मुद्दे को व्यापक जनसमर्थन मिलने के संकेत दिए हैं।

सितंबर में शुरू हुआ था आंदोलन

फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत सितंबर के मध्य में हुई थी। शुरुआती दौर में पेरिस के आसपास के क्षेत्रों में हाई स्कूल के विद्यार्थियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। बाद में महंगाई से परेशान लोग भी आंदोलन में शामिल होने लगे और धीरे-धीरे यह विरोध देश के दूसरे हिस्सों तक फैल गया।

17 अक्टूबर को हुआ था सबसे बड़ा प्रदर्शन

फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, 17 अक्टूबर को देशभर में हुए प्रदर्शनों में करीब 5.5 लाख लोगों ने हिस्सा लिया था। इसके बाद शनिवार को भी बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने से सरकार पर आर्थिक समस्याओं को लेकर दबाव बढ़ा है।

फिलहाल प्रशासन गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या और प्रदर्शनों के दौरान हुई घटनाओं का आकलन कर रहा है। आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।