
रोहतास। बिहार के रोहतास जिले के डेहरी में दशहरा मेले के दौरान प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय सेवा की मिसाल देखने को मिली। मेले में अचानक एक युवती के बेहोश होकर गिर जाने पर डेहरी के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) नीलेश कुमार ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी सरकारी गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया। उनके इस कदम की लोगों के बीच सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार, डेहरी में दशहरा मेले के दौरान काफी चहल-पहल थी। इसी बीच एक युवती अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। युवती की हालत देखकर आसपास मौजूद लोगों का ध्यान उसकी ओर गया। इसी दौरान मौके पर मौजूद एसडीएम नीलेश कुमार की नजर भी उस पर पड़ी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना देर किए युवती की मदद करने का निर्णय लिया।
एसडीएम ने तत्काल अपनी सरकारी गाड़ी की व्यवस्था की और युवती को अस्पताल पहुंचाया, ताकि उसे समय पर चिकित्सा सहायता मिल सके। मेले जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर अचानक किसी की तबीयत बिगड़ने की स्थिति में त्वरित सहायता बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में एसडीएम की पहल ने युवती को अस्पताल तक पहुंचाने में मदद की।
इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी के साथ-साथ उनके मानवीय कर्तव्य को भी उजागर किया है। आमतौर पर अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए देखा जाता है, लेकिन आपात स्थिति में जरूरतमंद की सहायता के लिए आगे आना उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।
एसडीएम नीलेश कुमार की इस तत्परता को लेकर स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। लोगों का मानना है कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए इस तरह का मानवीय व्यवहार समाज में भरोसा बढ़ाता है और दूसरों को भी जरूरतमंदों की सहायता के लिए प्रेरित करता है।
दशहरा जैसे बड़े त्योहार के दौरान मेले में भारी भीड़ जुटती है। ऐसे आयोजनों में प्रशासन की जिम्मेदारी केवल सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहती, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण होता है। डेहरी की यह घटना इसी मानवीय जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आई है।






