
जम्मू। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन संजीवनी’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए आर.एस. पुरा क्षेत्र के सीमावर्ती गांव तल्हार से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए हैं। बरामद खेप में 804 ग्राम हेरोइन और 1.114 किलोग्राम अफीम शामिल है। प्रारंभिक जांच में सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी किए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, मामले की शुरुआत 20 अक्टूबर को हुई, जब आर.एस. पुरा पुलिस थाने को सूचना मिली कि जम्मू जिले की सुचेतगढ़ तहसील के कोटली मिर्दियान गांव का निवासी सनी कुमार (26) अपने गांव के पास एक खंदक के निकट कथित तौर पर नशीले पदार्थों का सेवन कर रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर एक ऐसे नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क से उसके संबंधों के संकेत मिले, जिसका संबंध ड्रोन गिराए जाने की घटना से जोड़ा जा रहा है। इसी जांच के क्रम में अरनिया सेक्टर के सीमावर्ती गांव तल्हार से हेरोइन और अफीम की खेप बरामद की गई।
सीमा पार तस्करी के नेटवर्क की जांच तेज
पुलिस के प्रारंभिक निष्कर्षों के अनुसार, आशंका है कि नशीले पदार्थों को भारतीय क्षेत्र में पहुंचाने के लिए सीमा पार से ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हालांकि, तस्करी के पूरे तरीके और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस अब बरामद नशीले पदार्थों के स्रोत का पता लगाने, खेप के संभावित प्राप्तकर्ताओं की पहचान करने और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि तस्करी का नेटवर्क कितने व्यापक स्तर पर सक्रिय है और इसके तार किन लोगों से जुड़े हुए हैं।
सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन के माध्यम से नशीले पदार्थों की तस्करी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में ‘ऑपरेशन संजीवनी’ के तहत की गई यह कार्रवाई नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।






