लखनऊ (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की रक्षा, नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों का साहस और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद पुलिसकर्मियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि इन वीर जवानों की शहादत पुलिस बल की गौरवशाली परंपरा को और मजबूत करती है। उनका त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्तव्य के प्रति शहीद पुलिसकर्मियों की अटूट निष्ठा, साहस और समर्पण राष्ट्रसेवा के मार्ग को सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
पुलिसकर्मियों का बलिदान राष्ट्र की अमूल्य धरोहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। अपराध पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संकट के समय नागरिकों की सहायता करने में पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। कई बार पुलिसकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की रक्षा के लिए आगे आते हैं।
उन्होंने कहा कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके आदर्श पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा देते हैं।
शहीदों के परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया
योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति भी सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने पुलिस बल की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिसकर्मियों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को शहीद जवानों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ नागरिकों की सेवा करनी चाहिए। जनता के प्रति जिम्मेदारी निभाना और कानून के प्रति निष्ठा बनाए रखना पुलिस सेवा के महत्वपूर्ण आधार हैं।
पुलिस स्मृति दिवस उन सभी पुलिसकर्मियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने देश और समाज की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को नमन करते हुए उनके बलिदान को राष्ट्रसेवा की अमर प्रेरणा बताया।







